Land Registry New Update 2026 : आज भारत में जमीन रजिस्ट्री में बड़े बदलाव को जाने ।
अब जमीन रजिस्ट्री में बड़े बदलाव को जाने
आप सभी को बता दे की जितने भी जिम्मेदारी हिस्ट्री को लेकर परेशान है उन सभी को नए नियम को जानना होगा और नए नियम के अनुसार आप लोग रजिस्ट्री करवाना होगा किन-किन शहरों में रजिस्ट्री में बदलाव किया गया है पूरी जानकारी का अपन को समझना होगा तभी आप जमीन रजिस्ट्री में पूरी अच्छी तरीके से कर पाएंगे चलिए जानते हैं
6 जनवरी 2026 से भारत में संपत्ति से जुड़े रजिस्ट्री नियमों और जमीन-दस्तावेज संबंधी प्रक्रियाओं में बड़े बदलाव लागू किए जा रहे हैं। इन बदलावों का लक्ष्य पारदर्शिता बढ़ाना, पारिवारिक विवाद कम करना तथा बुजुर्गों और महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
मुख्य बदलाव और नए नियम को जाने ।
डिजिटल रजिस्ट्री (Online Land Registry System)
अब जमीन, मकान, दुकान या प्लॉट की रजिस्ट्री प्रक्रिया ऑनलाइन और डिजिटल रूप से उपलब्ध होगी, जिससे कागजी कार्रवाई कम होगी और फर्जीवाड़ों पर लगाम लगेगी। नागरिक घर बैठे अपनी रजिस्ट्री कर सकेंगे।
सारे भूमि दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध
भरण-खातूनि (Jamabandi), नक्शे (Maps), सर्वे पेपर और अन्य भूमि दस्तावेज अब ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध होंगे। इसके लिए आपको CO/Block ऑफिस के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी।
OTP आधारित सत्यापन प्रक्रिया को जाने
उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में अब रजिस्ट्री प्रक्रिया में खरीदार और विक्रेता दोनों को मोबाइल पर OTP मिलेगा, जिससे फर्जी दस्तावेज और धोखाधड़ी की संभावना काफी कम होगी।
दस्तावेज़ की वीडियो रिकॉर्डिंग और पहचान
कुछ राज्यों में रजिस्ट्री के दौरान खरीदार-विक्रेता की पहचान वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर सुनिश्चित की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार के आंतरिक विवाद या गलत दस्तावेज़ की स्थिति में ठोस प्रमाण उपलब्ध रहे। (यह पहल कई डिजिटल रजिस्ट्री मॉडल का हिस्सा बन रही है)
पारिवारिक विवादों में समाधान ।
बेटियों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए संपत्ति के अधिकार को सुरक्षित करने के लिए कानूनी दिक्कतों को कम करने पर ज़ोर दिया जा रहा है। कुछ सुझावों में शादीशुदा बेटियों को भी पिता की जमीन में हिस्सा देने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं (राज्यों में अलग-अलग नियम लागू हो सकते हैं)।
फर्जीवाड़ों पर सख्ती
खाता संख्या (Khatauni), ग्राम कोड, जमीन रिकॉर्ड और पहचान दस्तावेज अब अधिकृत और सत्यापित डिजिटल माध्यमों से उपलब्ध होंगे।
दस्तावेजों और सेल डीड में OTP, Aadhaar लिंकिंग और डिजिटल हस्ताक्षर अनिवार्य किए जा रहे हैं ताकि किसी भी धोखाधड़ी को रोका जा सके।
क्यों लाए गए ये नए नियम (Purpose)?
भ्रष्टाचार और जालसाज़ी को रोकने
डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को आगे बढ़ाना
संपत्ति अधिकारों में पारदर्शिता लाना
महिलाओं और बुज़ुर्गों के अधिकारों को सुरक्षित करना
कागज़ी प्रक्रियाओं को कम कर समय बचाना
लाभ (Benefits) – Land Registry New Rule 2026
लाभ
विवरण
डिजिटल सेवाएँ
घर बैठे जमीन-संबंधी दस्तावेज डाउनलोड/अपलोड कर सकेंगे।
कम भ्रष्टाचार
OTP और डिजिटल वेरिफिकेशन से फर्जीवाड़ों पर रोक।
तेज़ प्रक्रिया
रजिस्ट्री और दस्तावेज़ प्रक्रिया तेज़ और सरल।
पारिवारिक सुरक्षा
महिलाओं और बुज़ुर्गों का हक़ कानूनी तौर सुरक्षित।
कम समय और खर्च
सरकारी दफ्तरों के चक्कर समाप्त, समय बचत।
ये नियम कहाँ लागू होंगे?
ये बदलाव केंद्र और राज्यों दोनों स्तर पर लागू हो रहे हैं।
हर राज्य अपनी प्रक्रिया और डिजिटल पोर्टल के अनुसार इनका लागू कर रहा है, जैसे कि:
बिहार – भूमि दस्तावेज़ों का ऑनलाइन सिस्टम
उत्तर प्रदेश – OTP आधारित वेरिफिकेशन
हरियाणा – ऑनलाइन रजिस्ट्री सिस्टम
सामान्य प्रक्रिया (How New Registration Works)
ऑनलाइन पोर्टल पर लॉगिन / रजिस्ट्रेशन
Aadhaar OTP वेरिफिकेशन
प्रॉपर्टी-से संबंधित दस्तावेज़ अपलोड
बीच में किसी भी गवाह/वीडियो रिकॉर्डिंग की सत्यापन प्रक्रिया
ऑनलाइन स्टांप और फीस का भुगतान
डिजिटल रसीद और पंजीकरण प्रमाणपत्र (e-Certificate) प्राप्त करें